उदास लड़कों को फूल नहीं भेजे जाते उन्हें कॉफी पर भी नहीं बुलाया जाता उदास लड़के रोते भी नहीं उनकी प्रेमिकाएँ भी शायद ही होतीं। उदास लड़के अक्सर कर्मठ या निठल्ले हो जाते हैं थकन
Moreहम भारतीय न जाने किस मिट्टी के बने हैं ? बहुत बार बहुतों को यह कहते हुए सुना। शायद इसका कारण हमारे बहुत से गुण और बहुत से अवगुण दोनों ही हैं। हमारी
Moreकोई पास आया सवेरे सवेरे मुझे आज़माया सवेरे सवेरे मेरी दास्ताँ को ज़रा सा बदल कर मुझे ही सुनाया सवेरे सवेरे जो कहता था कल शब सँभलना सँभलना वही लड़खड़ाया सवेरे सवेरे
Moreहर सदफ़ में गुहर हो जरूरी है क्या हर फ़ुगाँ में असर हो जरूरी है क्या वो जैसा मिला हमने क़बूल कर लिया हर बश़र में मलक हो जरूरी है क्या आस्तीनों में
Moreनदी के दोनों पाट लहरते हैं आग की लपटों में दो दिवालिए सूदखोरों का सीना जैसे फुँक रहा हो शाम हुई कि रंग धूप तापने लगे अपनी यादों की और नींद में
Moreसाधारण डाक से भेजी गईं वे पत्रिकाएँ जो कभी नहीं मिल पाती उसे पढ़ने के लिए कौन रख लेता होगा एक बार मेरा एक चेक डाल दिया गया था साधारण डाक में
Moreकितने सीमित हो गये हैं विकल्प कि बेदाग़ की जगह चुने जा रहे हैं कम दाग़दार जन को साधने के लिये साधी जा रही है जात साधा जा रहा है ईश्वर खोजकर
Moreवह पूर्ण थी उसके मृत शरीर ने ओढ़ रखी है मुस्कान उपलब्धि की उसके पहने गए चोगे के सिलवटों में यूनानी होने का भ्रम झाँकता है उसके नंगे पैर यह कहते लग
More