प्रेमियों की वापसी

नदी के किनारे बैठकर दोनों ने अंतिम चिट्ठी लिखी- “यह दुनिया क्रूर है। प्रेमियों को मिलने नहीं देती। हम इसे छोड़कर उस लोक जा रहे हैं, जहां प्रेम के मार्ग में कोई

More

इक पगली लड़की के बिन

अमावस की काली रातों में, दिल का दरवाजा खुलता है जब दर्द की प्याली रातों में, गम आंसू के संग घुलता है जब पिछवाड़े के कमरें में, हम निपट अकेले होते हैं

More

मेकअप रूम में कवि

(एक) ————- मेक-अप रूम में कवि ने छब्बीस बार गुनगुनाया प्रेम और तेरह बार दोहराया प्रतीक्षा पूरे ध्यान से साढ़े छह बार फुसफुसाया प्रतिरोध और अन्त में सवा तीन बार याद किया

More

मीनाक्षी मिश्र की कविताएँ

1. रियायत जीवन में मिली इतनी रियायतों के बावजूद न जुगनुओं से की दोस्ती न रूमानियत के पाठ पढ़े जाग्रत न कर पाई खुद में कोई उदात्त भाव ही वंचित रही मैं

More

अर्पण जमवाल की कविताएँ

1.  जीवन इतना दुरूह रहा कि दुखों की तस्बीह पर साधा मैंने अपना असाध्य जीवन और उनके अतिशय पर जाना कि, मोक्ष कुछ और नहीं, सुख और दुख से परे की अनुभूति

More

नफ़रत

//

देखो, तो अब भी कितनी चुस्त-दुरुस्त और पुरअसर है हमारी सदी की नफ़रत, किस आसानी से चूर-चूर कर देती है बड़ी-से-बड़ी रुकावटों को! किस फुर्ती से झपटकर हमें दबोच लेती है! यह

More

कवियों को ढूँढ़ो

//

कवियों को ढूँढो, मेरे दोस्त ने कहा वे उन चीज़ों के बारे में बातें नहीं करेंगे जिनके बारे में तुम और मैं बातें करते हैं वे आर्थिक एकीकरण या वित्तीय चकबंदी की

More

प्रार्थना

मैंने नहीं देखा ईश्वर को कभी महसूस नहीं किया उसके स्पर्श को नहीं देखा प्रार्थनाओं को पूरा होते बस तुम्हें खिलखिलाते हुए देखती हूँ तो गूंजने लगती है शंखध्वनि सी उभरने लगता

More

फिर छिड़ी रात बात फूलों की

फिर छिड़ी रात बात फूलों की रात है या बारात फूलों की फूल के हार, फूल के गजरे शाम फूलों की रात फूलों की आपका साथ, साथ फूलों का आपकी बात, बात

More
1 19 20 21 22 23 61