मैंने पहली बार महसूस किया है कि नंगापन अन्धा होने के खिलाफ़ एक सख्त कार्यवाही है उस औरत की बगल में लेटकर मुझे लगा कि नफ़रत और मोमबत्तियाँ जहाँ बेकार साबित हो
तुम्हें अच्छा बनने की कोई ज़रूरत नहीं तुम्हें अपने घुटनों पर आने की ज़रूरत नहीं रेगिस्तान में सैकड़ो मील चलकर पछताते हुए तुम्हें बस अपनी देह के कोमल पशु को छोड़ देना
Moreमैं कब से बैठा हूँ अंधेरे के इस पहाड़ की तलहटी में, अभी अभी गुज़रे हैं इधर से कुछ उद्दंड अश्वारोही अपनी तलवारों पर हाथ फेरते बेहद फूहड़ और भयानक हंसी के
Moreकलम छूटने से पूर्व कवि को चुन लेना चाहिए एक उत्तराधिकारी ; सौंप देनी चाहिए अपनी अधूरी कविताएँ जैसे हम घोषित करते हैं वसीयत में अपने मनपसंद वारिस का नाम अकाल-गंध पर
More1. लालटेन से ज्यादा महत्वपूर्ण होता है प्रकाश नोटबुक से ज्यादा महत्वपूर्ण होती हैं कविताएँ और होठों से ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं चुम्बन तुम्हारे लिए लिखे गए मेरे ख़त ज्यादा महत्वपूर्ण हैं
Moreहमारे तलवे में है चक्कर कि हमें घूमना है घर भर की धुरी पर बिना नागा अपने भीतर की आग को बचा कर रखना है चूल्हे भर में अपने सपनों को बेलना
More1. रोने के तमाम हृदय-विदारक कारणों से इतर क्या तुमने कभी सोचा है कि न रो पाना भी रोने का एक कारण हो सकता है? 2. समुद्र को चुल्लू में रखकर पी
Moreमुझे तुम्हारा होना प्रिय है जितने अपने दौर के नग़्मे रम की बहक भोर की नींद ठिठुरते जाड़े में गर्माते अलाव और ज़बान पर घुल चुके खजूरी गुड़ का स्वाद। एक रोज़
Moreजब तुम आते हो मेरे पास बिना बुलाए और याद दिलाते हो मुझे पुराने कमरों की जहाँ स्मृतियाँ खोई हुई हैं देते हो एक छोटे बच्चे की भाँति अटारी पर रखे बहुत दिनों से
Moreनहीं लिखा होगा कहीं कि धीरे-धीरे बदल गए पैरों के निशान पगडंडियों में पगडंडियाँ बदल गई रास्तों में और एक दिन रास्ते बदल गए किसी अबूझ पहेली में नहीं लिखा होगा कि
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