उम्र पोशी

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मैंने पूछा —
मुन्ने! तुम क्यूँ अपनी अम्मी जान को बाजी कहते हो
मुन्ना बोला
बाजी भी तो नानी-जी को आपा आपा कहती हैं
इस बाज़ार का जो कोठा है उस की रीत निराली है
यहाँ तो माँ को माँ कह देना सब से गंदी गाली है।

क़तील शिफ़ाई

क़तील शिफ़ाई (1919 - 2001) उर्दू के एक मशहूर शायर थे। उन्होंने भारतीय व पाकिस्तानी फ़िल्मों में कई गीत भी लिखे। उनका जन्म मुहम्मद औरंगज़ेब के रूप में हुआ था, बाद में उन्होंने क़तील तख़ल्लुस लिया और अपने उस्ताद की परंपरा के लिए शिफ़ाई जोड़ा।

क़तील शिफ़ाई (1919 - 2001) उर्दू के एक मशहूर शायर थे। उन्होंने भारतीय व पाकिस्तानी फ़िल्मों में कई गीत भी लिखे। उनका जन्म मुहम्मद औरंगज़ेब के रूप में हुआ था, बाद में उन्होंने क़तील तख़ल्लुस लिया और अपने उस्ताद की परंपरा के लिए शिफ़ाई जोड़ा।

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