दरवाज़े से बाहर जाने से पहले अपने जूतों के तस्मे बाँधने के लिए मैं झुकता हूँ रोटी का कौर तोड़ने और खाने के लिए झुकता हूँ अपनी थाली पर जेब से अचानक
Moreव्यर्थ है आपका आकर्षक होना अगर आप अमीर नहीं हैं तो। रोमांस धनी लोगों का विशेषाधिकार है, न कि बेरोज़गारों का व्यवसाय । ग़रीबों को व्यावहारिक एवं सामान्य (नीरस) होना चाहिए। आपके
Moreदिन-भर बैठे-बैठे मेरे सिर में पीड़ा उत्पन्न हुई : मैं अपने स्थान से उठा और अपने एक नए एकांतवासी मित्र के यहाँ मैंने जाना विचारा। जाकर मैंने देखा तो वे ध्यान-मग्न सिर
Moreरतनी ने मुझे देखा तो घुटने से ऊपर खोंसी हुई साड़ी को ‘कोंचा’ की जल्दी से नीचे गिरा लिया। सदा साइरेन की तरह गूँजनेवाली उसकी आवाज कंठनली में ही अटक गई। साड़ी
Moreबहुत अंधी थीं मेरी प्रार्थनाएँ। मुस्कुराहटें मेरी विवश किसी भी चंद्रमा के चतुर्दिक उगा नहीं पाई आकाश-गंगा लगातार फूल- चंद्रमुखी! बहुत अंधी थीं मेरी प्रार्थनाएँ। मुस्कुराहटें मेरी विकल नहीं कर पाई तय
Moreजैसा कि हम सब जानते है कि भाषा एक माध्यम है, हमारे अभिव्यक्ति का, इसके द्वारा हम अपने विचारों एवं भावनाओं को एक दूसरे के साथ साझा करते हैं। भाषा का विकास
Moreप्रेम का ज्वार सूख रहा है अंदर इस गोलार्ध पर प्रेम गोमेद रत्न हैयाकि गोपनीय उल्लास का कोई द्वार जिससे होकर प्रेम गोश फ़रमाता है चित-पट जिस करवट भी बैठो प्रेम आ
Moreउदास लड़कों को फूल नहीं भेजे जाते उन्हें कॉफी पर भी नहीं बुलाया जाता उदास लड़के रोते भी नहीं उनकी प्रेमिकाएँ भी शायद ही होतीं। उदास लड़के अक्सर कर्मठ या निठल्ले हो जाते हैं थकन
More