अत्यंज कोरी पासी हैं हम

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अत्यंज कोरी पासी हैं हम
क्यूँ कर भारतवासी हैं हम

अपने को क्यों वेद में खोजें
क्या दर्पण विश्वासी हैं हम

छाया भी छूना गर्हित है
ऐसे सत्यानाशी हैं हम

धर्म के ठेकेदार बताएँ
किस ग्रह के अधिवासी हैं हम

अदम गोंडवी

अदम गोंडवी (राम नाथ सिंह ; 22 अक्टूबर 1947 - 18 दिसंबर 2011) अट्टा परसपुर, गोंडा , उत्तर प्रदेश के एक भारतीय कवि थे। उन्होंने हिंदी में कविता लिखी, जो हाशिए की जातियों, दलितों, गरीब लोगों की दुर्दशा को उजागर करती है.उन्होंने हिंदी में कविता लिखी, जो हाशिए की जातियों, दलितों, गरीब लोगों की दुर्दशा को उजागर करती है। उनके काव्य संग्रह धरती की सता पार (पृथ्वी की सतह) और सामे से मुथबेड़े (समय के साथ मुठभेड़) काफी लोकप्रिय हैं। 

अदम गोंडवी (राम नाथ सिंह ; 22 अक्टूबर 1947 - 18 दिसंबर 2011) अट्टा परसपुर, गोंडा , उत्तर प्रदेश के एक भारतीय कवि थे। उन्होंने हिंदी में कविता लिखी, जो हाशिए की जातियों, दलितों, गरीब लोगों की दुर्दशा को उजागर करती है.उन्होंने हिंदी में कविता लिखी, जो हाशिए की जातियों, दलितों, गरीब लोगों की दुर्दशा को उजागर करती है। उनके काव्य संग्रह धरती की सता पार (पृथ्वी की सतह) और सामे से मुथबेड़े (समय के साथ मुठभेड़) काफी लोकप्रिय हैं। 

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