शिक्षक को पत्र

सम्माननीय सर… मैं जानता हूँ कि इस दुनिया में सारे लोग अच्छे और सच्चे नहीं हैं। यह बात मेरे बेटे को भी सीखनी होगी। पर मैं चाहता हूँ कि आप उसे यह

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जबानों का आपस में रिश्ता

हम बतला चुके हैं कि आर्य बहुत-से मुल्कों में फैल गए और जो कुछ भी उनकी जबान थी उसे अपने साथ लेते गए। लेकिन तरह-तरह की आबोहवा और तरह-तरह की हालतों ने

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पिता के पत्र पुत्री के नाम

सभ्यता क्या है ? मैं आज तुम्हें पुराने जमाने की सभ्यता का कुछ हाल बताता हूँ। लेकिन इसके पहले हमें यह समझ लेना चाहिए कि सभ्यता का अर्थ क्या है? कोश में

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हिंदी साहित्य में वीरबालकवाद

वीरबालकवाद क्या होता है? यह प्रश्न आपके उर में विह्वलता भरने लगे उससे पहले यह समझ लें कि वीरबालकवाद वह होता है जो समझदार वीरबालकों द्वारा किया जाता है और समझदार वीरबालक

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अंगद का पाँव

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वैसे तो मुझे स्टेशन जा कर लोगों को विदा देने का चलन नापसंद है, पर इस बार मुझे स्टेशन जाना पड़ा और मित्रों को विदा देनी पड़ी। इसके कई कारण थे। पहला

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नेहरू के नाम मंटो का ख़त

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पंडित जी, अस्सलाम अलैकुम। यह मेरा पहला ख़त है जो मैं आपको भेज रहा हूँ। आप माशा अल्‍लाह अमरीकनों में बड़े हसीन माने जाते हैं। लेकिन मैं समझता हूँ कि मेरे नाक-नक्श

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डायरी के पृष्ठ

नई डायरी का नया पृष्ठ स्वप्‍न कभी-कभी स्‍फूर्तिदायक होते हैं। पिछले एक वर्ष से डायरी लिखने का शौक लगा। समय-समय पर कागज पर अंकित, एकांत क्षणों में मेरे अच्‍छे और बुरे विचार

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मैं वह धनु हूँ

मैं स्वल्प-सन्तोषी हूँ। पतझर के झरते पत्ते से अधिक सुन्दर किसी चीज़ की कल्पना नहीं कर पा रहा हूँ। यह धीरे-धीरे, लय के साथ डोलते हुए झरना-मानो धरती के गुरुत्वाकर्षण से मुक्त

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समय की नदी

हम समय की नदी तैर कर आ गए अब खड़े हैं जहाँ वह जगह कौन है? तोड़ते-जोड़ते हर नियम, उपनियम उत्सवों के जिए साँस-दर-साँस हम एक पूरी सदी तैर कर आ गए

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ठाकुर का कुआँ

चूल्हा मिट्टी का मिट्टी तालाब की तालाब ठाकुर का भूख रोटी की रोटी बाजरे की बाजरा खेत का खेत ठाकुर का बैल ठाकुर का हल ठाकुर का हल की मूठ पर हथेली

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