मैंने पहली बार महसूस किया है कि नंगापन अन्धा होने के खिलाफ़ एक सख्त कार्यवाही है उस औरत की बगल में लेटकर मुझे लगा कि नफ़रत और मोमबत्तियाँ जहाँ बेकार साबित हो
इह मेरा गीत किसे ना गाणा इह मेरा गीत मैं आपे गा के भलके ही मर जाणा इह मेरा गीत किसे ना गाना । इह मेरा गीत धरत तों मैला सूरज जेड
Moreइन दिनों जब समय इतना धीमा है कि चीते की चाल घोंघे की मालूम हो मैं हमारे बीच उन चंद पलों की तेजी को अपनी सबसे ज्यादा तेज गति साबित करना चाहता
Moreएक आदमी रोटी बेलता है एक आदमी रोटी खाता है एक तीसरा आदमी भी है जो न रोटी बेलता है, न रोटी खाता है वह सिर्फ़ रोटी से खेलता है मैं पूछता
Moreचैन की बाँसुरी बजाइये आप शहर जलता है और गाइये आप हैं तटस्थ या कि आप नीरो हैं असली सूरत ज़रा दिखाइये आप
Moreउँगलियों पर गिन रही है दिन खाँटी घरेलू औरत सोनू और मुनिया पूछते हैं ‘क्या मिलाती रहती हो मां उँगलियों की पोरों पर’ वह कहती है ‘तुम्हारे मामा की शादी का दिन
More1. प्रेम लिपि तुम्हारी दैहिक शुचिता को दैविकता मानकर; क्षण-क्षण ठगा जाना, स्वीकार किया मैंने! मैं हारती चली गई ; तुम जीतते गए हर बार! सर्वस्व अर्पण, समर्पण; मेरे प्रेम की लिपि
Moreहवा का रुख कैसा है, हम समझते हैं हम उसे पीठ क्यों दे देते हैं, हम समझते हैं हम समझते हैं खून का मतलब पैसे की कीमत हम समझते हैं क्या है
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