मैंने पहली बार महसूस किया है कि नंगापन अन्धा होने के खिलाफ़ एक सख्त कार्यवाही है उस औरत की बगल में लेटकर मुझे लगा कि नफ़रत और मोमबत्तियाँ जहाँ बेकार साबित हो
उसने अपने प्रेम के लिए जगह बनाई। बुहार कर अलग कर दिया तारों को सूर्य-चन्द्रमा को रख दिया एक तरफ वनलताओं को हटाया उसने पृथ्वी को झाड़ा-पोंछा और आकाश की तहें ठीक
Moreबुढ़ापे के समय पिता के चश्मे एक-एक कर बेकार होते गए आँख के कई डॉक्टरों को दिखाया विशेषज्ञों के पास गए अन्त में सबने कहा — आपकी आँखों का अब कोई इलाज
Moreहमारी गेंदें अब लुढ़कती नहीं चौकोर हो गई हैं, खिलौने हमारे हाथों में आने से कतराते हैं, धींगा-मस्ती, हो-हुल्लड़ याद नहीं हमने कभी किया हो पैदाइश से ही इतने समझदार थे हम
Moreमगध में शोर है कि मगध में शासक नहीं रहे जो थे वे मदिरा, प्रमाद और आलस्य के कारण इस लायक नहीं रहे कि उन्हें हम मगध का शासक कह सकें लगभग
Moreउसने मेरे बेगानेपन को ही छेड़ दिया घनी उमस में कभी न उसने पंखा हाँका है लसिया गए भात को देसी घी से छौंका है दूध मुँहे पाड़े को माँ से दूर
Moreतुम्हारे मान लेने से पत्थर भगवान हो जाता है, लेकिन तुम्हारे मान लेने से पत्थर पैसा नहीं हो जाता। तुम्हारा भगवान पत्ते की गाय है, जिससे तुम खेल तो सकते हो, लेकिन
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