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रोमेश चतुर्वेदी

रोमेश चतुर्वेदी
ग़ज़ल

हर सदफ़ में गुहर हो ज़रूरी है क्या

हर सदफ़ में गुहर हो जरूरी है क्या हर फ़ुगाँ में असर हो जरूरी है क्या वो जैसा मिला हमने क़बूल कर लिया हर बश़र में मलक हो जरूरी है क्या आस्तीनों में

रोमेश चतुर्वेदी

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ग़ज़ल

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