मैंने पहली बार महसूस किया है कि नंगापन अन्धा होने के खिलाफ़ एक सख्त कार्यवाही है उस औरत की बगल में लेटकर मुझे लगा कि नफ़रत और मोमबत्तियाँ जहाँ बेकार साबित हो
जो जीवन की धूल चाट कर बड़ा हुआ है तूफ़ानों से लड़ा और फिर खड़ा हुआ है जिसने सोने को खोदा लोहा मोड़ा है जो रवि के रथ का घोड़ा है वह
Moreसबसे अधिक हत्याएँ समन्वयवादियों ने की दार्शनिकों ने सबसे अधिक ज़ेवर खरीदा भीड़ ने कल बहुत पीटा उस आदमी को जिस का मुख ईसा से मिलता था वह कोई और महीना था
Moreवह स्त्री पता नहीं कहाँ होगी जिसने मुझसे कहा था — वे तमाम स्त्रियाँ जो कभी तुम्हें प्यार करेंगी मेरे भीतर से निकल कर आई होंगी और तुम जो प्रेम मुझसे करोगे
More1. घर जितनी शास्त्रीय है यह बात उतनी ही लौकिक घर को जोड़ने वाला श्रम मनुष्य मात्र को ही नहीं पशु – पक्षी और जीवन को धारण किये कीड़े को भी कितना
Moreमैंने हारने के लिए यह लड़ाई शुरू नहीं की थी इन अभाव के दिनों में भी जितना खुश हुआ उतना पहले कभी नहीं कि इधर कर्ज़ में जीने की आदत मैंने कई
Moreन जी भर के देखा न कुछ बात की बड़ी आरज़ू थी मुलाक़ात की उजालों की परियाँ नहाने लगीं नदी गुनगुनाई ख़यालात की मैं चुप था तो चलती हवा रुक गई ज़बाँ
Moreतूफ़ानी लहरें हों अम्बर के पहरे हों पुरवा के दामन पर दाग़ बहुत गहरे हों सागर के माँझी मत मन को तू हारना जीवन के क्रम में जो खोया है, पाना है
More